वन्य जीव एवं पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत अविलम्ब हो कार्यवाही, अब प्रदेश विश्रोई टाइगर्स वन्य एवं पर्यावरण संस्थान विश्नोई टाईगर फोर्स के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल भवाद ने काला हिरण शिकार प्रकरण में कड़ी कार्यवाही करने की मांग की
जोधपुर। जोधपुर में वर्ष 1998 से बहुचर्चित काला हिरण शिकार मामले में सलमान खान की महिला मित्र सोमी अली के माफी मांगने के बाद अखिल भारतीय विश्रेाई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बूडिय़ा ने कल एक बयान दिया था कि विश्रोई महासभा सलमान खान को माफी देने के लिए विचार कर सकती है, बशर्ते सलमान खान स्वयं मुकाम आकर माफी का प्रस्ताव दे और भविष्य में इस प्रकार का कोई काम नहीं करने एवं आजीवन पर्यावरण एवं वन्य जीवों के संरक्षण करने की शपथ लें। देवेन्द्र बूडिय़ा का यह बयान काफी चर्चा का विषय बन गया कि और माना गया कि उनका यह बयान सभी विश्रोई समुदाय की तरफ से दिया जा रहा है, लेकिन इस संबंध में एक ओर बयान सामने आया है जिसमें विश्रोई टाइगर्स वन्य एवं पर्यावरण संस्थान विश्रोई टाईगर फोर्स के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल भवाद ने स्पष्ट शब्दों में यह कहा है कि विश्रोई समाज के प्रमुख पदाधिकारियों को इस मामले में माफी जैसे शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि यह मामला अब न्यायालय में विचाराधीन है और यह मुकदमा अब राजस्थान सरकार द्वारा लड़ा जा रहा है ना कि विश्रोई समाज के द्वारा।
विश्रोई समाज इस संबंध में प्रदेश सरकार पर नैतिक रूप से निवेदन कर सकता है कि इस लम्बित मामले को न्याय प्रक्रिया में बदले जिससे वन्यजीवों को अविलम्ब न्याय मिल सकें। उन्होंने कहा कि वन्य जीव सरंक्षण अधिनियम के तहत इस प्रकार के मामलों में माफी, सामाजिक दण्ड जैसे शब्दों का प्रयोग करना गलत है, यह गैर कानूनी एवं औचित्यहीन है, जिनका खण्डन किया जाता है। साथ ही रामपाल भवाद ने राजस्थान सरकार से मांग की है कि काला हिरण शिकार प्रकरण जैसे मामलों में राज्य सरकार जल्द से जल्द न्याय करवावें एवं ज्यादा से ज्यादा दण्ड देने का प्रावधान करे एवं इस कानून को कठोर रूप से लागू करने पर विचार करें।



