मधुहीर राजस्थान
जोधपुर। शहर में विश्व पर्यावरण दिवस बुधवार को मनाया जाएगा। इस दौरान अलग-अलग संस्थाओं व संगठनों द्वारा शहरभर में पौधारोपण, सेमिनार, सम्मान समारोह सहित जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आध्यात्मिक क्षेत्र पर्यावरण संस्थान समिति की ओर से विश्व पर्यावरण दिवस पर पांच जून को संस्थान का 44वां स्थापना दिवस एवं 37वां वृक्ष बन्धु पुरस्कार समारोह आयोजित किया जा रहा है जिसमें पर्यावरण व अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 56 लोगों को सम्मानित किया जाएगा। संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष रामजी व्यास ने बताया कि इस वर्ष 37वां वृक्ष बन्धु पुरस्कार पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं सर्वश्रेष्ठ कार्य के लिए मंडल रेल प्रबंधक पंकज कुमार सिंह को प्रदान किया जाएगा। इसी प्रकार स्व. राजमाता कृष्णा कुमारी पर्यावरण पुरस्कार सीमा सुरक्षा बल के कमांडेंट देवीसिंह को, मघराज सिंघवी वरिष्ठ अधिवक्ता पर्यावरण पुरस्कार चन्द्रप्रकाश कच्छवाहा को, महेंद्रसिंह नगर पुरस्कार कमलेश पुरोहित को, डॉ. गणपत राजपुरोहित पुरस्कार डॉ. संजय कृष्ण व्यास को, गोवर्धन हेडाऊ पुरस्कार शिवानी पुरोहित को, रूख भाईला पुरस्कार निशी माथुर को, वन वात्सल्य पुरस्कार दिनेश बिस्सा को, पं. सूरजराज ज्योतिष पुरस्कार अशोक कुमार पुरोहित को, डीडी हर्ष भक्ति संगीत पुरस्कार मुस्कान पुरोहित तथा रेणु वर्मा को प्रदान किया जाएगा। इस वर्ष के रजत पदक व प्रशंसा पत्र उप कमांडेंट बीएसएफ सीमा सुरक्षा बल के मनोहरसिंह खींची, डी कंपनी सीमा सुरक्षा बल भूपेंद्र कुमार बोहरा, अनिल पुरोहित, डॉ. ललित मोहन राठी, डॉ. रविंद्र चावला, डॉ. काजल वर्मा, ओमप्रकाश सोनी, तखतदान चारण, भजनलाल मकवाना, पवन मिश्रा, अनुराधा भूत, रेखा मिश्रा, विनिता शर्मा, दिनेश जोशी, विष्णु प्रजापत, महेश हर्ष, अरविंद पटेल, कमलकांत व्यास, मोतीलाल रंगा, सुनील सोनी, रामचंद्र पिचकिया, मनोन सैन, दिनेश अंसारी, सुनिता गांधी, डॉ. लक्ष्मणसिंह, विवेक अग्रवाल व बीएसएफ बैंड को प्रदान किए जाएंगे तथा कांस्य पदक व प्रशंसा पत्र डा. भूपेन्द्र, लक्ष्मी, मांगीलाल विश्नोई, अर्पण जोशी, रीता तंवर, सुरेंद्र जोशी, उषा किरण, जितेंद्र खींची, राजू मूथा, त्रिलोकराम चौधरी, लक्षिता प्रजापत, कृतिका भाटी, तान्या हर्ष व ताराचंद को दिए जाएंगे।
खेजड़ी सहेजो महाअभियान की शुरुआत होगी: पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में कार्यरत गहरी फाउंडेशन की ओर से विश्व पर्यावरण दिवस पर बुधवार को खेजड़ी सहेजो महाअभियान की शुरूआत होगी। अभियान के अंतर्गत फाउंडेशन ने केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान, भारत सरकार (काजरी) से एबीआईसी से ट्रेनिंग प्राप्त कर जोधपुर से 25 किलोमीटर दूर मियासनी गांव में एक लाख खेजड़ी के पौधों की नर्सरी तैयार की है। नर्सरी का उद्घाटन व पौधरोपण कार्यक्रम बुधवार सुबह आठ बजे मियासनी गांव में पर्यावरणविदों की ओर से किया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण विषय पर होगी कार्यशाला : राजकीय सुमेर सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय की ओर से विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सुबह 10.30 बजे से कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष की विश्व पर्यावरण दिवस की थीम भूमि पुनसर््थापना, मरुस्थलीकरण एवं सूखा प्रत्यास्थता है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वक्ता प्रोफेसर डॉ. नीति रुस्तगी होंगी। पर्यावरणविद् एवं गांधी स्ट्डी सर्कल के संयोजक अशोक चौधरी विशिष्ट अतिथि वक्ता के रूप में सामूहिक जन भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण विषय पर संबोधन देंगे।
प्रकृति को बचाने के लिए होगी चर्चा : यूथ अरण्य ग्रुप विश्व पर्यावरण दिवस को अनूठे अंदाज में मनाएगा। इस दिन पौधों का रोपण नहीं करने की बजाय रोपे गए पौधों सहित प्रकृति को बचाने के लिए चर्चा की जाएगी। ग्रुप से जुड़े विवेक अग्रवाल ने बताया कि अजनेश्वर आश्रम के महंत शांतेश्वर महाराज के सान्निध्य में पर्यावरण प्रेमियों सहित युवाओं को जोडक़र प्रकृति और पौधों पर चर्चा की जाएगी। सुबह 7.30 बजे कुमटियों की गाल में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में पर्यावरण सहित प्रकृति के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। इनमें फील्ड एक्सपर्ट, अर्बन वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट, वनस्पति शास्त्र, प्राणी शास्त्र विशेषज्ञ, पक्षियों, सर्पों और जंगली जानवरों के व्यवहार विशेषज्ञ के रूप में शरद पुरोहित, सोहराब बोड़ा, मनीष सोलंकी, भरत जैन, मीनाक्षी, सारिका बिस्सा सहित विशेषज्ञ और पर्यावरण प्रेमी शामिल होंगे। इन विशेषज्ञों की ओर से युवाओं सहित पर्यावरण प्रेमियों को कुमटियों की गाल में लगे विभिन्न प्रजाति के पौधों की जानकारी के साथ वॉक भी करवाई जाएगी। मौसम जलवायु सहित पौधों और पक्षियों के संरक्षण पर चर्चा होगी।



