
मधुहीर राजस्थान
जोधपुर। इस्लामिक नववर्ष के आग़ाज़ के मौक़े पर पैग़म्बर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की याद में शिया मुस्लिम समाज द्वारा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शिप हाउस स्थित हैदर रज़ा जाफ़री के अज़ाख़ाने में संभाग स्तर पर इमाम हुसैन की याद में मजलिसों का आयोजन किया जाएगा जिसमें नागपुर महाराष्ट्र से आए शिया इस्लामिक विद्वान अल्लामा हसन अब्बास तक़रीर करेंगे। मुहर्रम के अवसर पर मजलिसों के आयोजन के बारे में शिया मुस्लिमों की जोधपुर संभाग की संस्था अंजुमने-हुसैनी के संभागीय अध्यक्ष अशफ़ाक़ आबिदी के अनुसार पैग़म्बर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन ने आमजन की आवाज़ उठाने, समाज में न्याय एवम् समानता स्थापित करने के लिए करबला में भूखे-प्यासे रहकर अपना बलिदान दिया जिसकी याद में मुहर्रम माह की एक तारीख़ से दस तारीख़ आशूरा तक प्रतिवर्ष मजलिसों का आयोजन कर इमाम हुसैन तथा उनके परिवार द्वारा उठाए गए कष्टों को याद कर उनके द्वारा प्रदत्त शांति और न्याय के मार्ग पर चलने के प्रण को दृढ़ संकल्पित किया जाता है।
इमाम हुसैन की शिक्षाओं का प्रसार करने हेतु आयोजित इन मजलिसों में करबला में हुई इमाम हुसैन की शहादत पर शोक मनाया जाता है। इव मजलिसों में मर्सियाख़्वानी, पेशख़्वानी का भी आयोजन किया जाएगा जिसमें अज़ान, शौज़फ़, अली, हसनैन, असकरी आसिफ़, मेहर अब्बास, क़ैसर अब्बास, अज़ादार, इरफ़ान, अस्बातुल, राहिल, इंतेज़ार जाफ़री, साहिल आदि की ओर से इमाम हुसैन को श्रद्धांजलि प्रस्तुत की जाएगी तथा अंजुमने-हुसैनी की जोधपुर संभाग यूथ शाखा की ओर से नौहेख़्वानी और मातम किया जाएगा तथा अंजुमन की महिला विंग भी महिलाओं के लिए मजलिस और मातम का आयोजन करेगी जिसमें जोधपुर संभाग की सभी महिलाएं भाग लेंगी तथा मजलिसों के बाद सभी में तबर्रूक वितरित किया जाएगा।



