जोधपुर। मोगड़ा स्थित जीत मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल अल्प समय में ही नी रिप्लेसमेंट का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। हॉस्पिटल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रंजना माथुर ने बताया कि इस वर्ष एक जनवरी से अब तक हॉस्पिटल में 50 से अधिक नी रिप्लेसमेंट सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि दस नी रिप्लेसमेंट तो गत दो दिनों में ही किए गए हैं। हॉस्पिटल के वरिष्ठ आर्थोपेडिक सर्जन एवं नी रिप्लेसमेंट विशेषज्ञ डॉ. अशोक बिश्नोई ने बताया कि सभी ऑपरेशन हॉस्पिटल में मौजूद सर्वश्रेष्ठ चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ विशेषज्ञों की देखरेख में किए गए हैं। उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल में नी रिप्लेसमेंट के लिए आने वाले सभी मरीजों के ऑपरेशन अत्याधुनिक मूव ऑन तकनीकी से किए गए हंै। डॉ बिश्नोई ने बताया कि यह बहुत ही सुरक्षित तकनीक है तथा किसी भी तरह का साइड इफेक्ट इसमें नहीं आता है। इस तकनीक में बहुत ही छोटा चीरा लगता है, जिससे ऑपरेशन के दौरान ब्लड लॉस बहुत ही कम होता है। ऑपरेशन के बाद लंबे समय तक किसी भी तरह से बिस्तर में रहने की जरूरत नहीं पड़ती है। कई बार तो मरीज की स्थिति अच्छी होती है तो ऑपरेशन के चार घंटे बाद मरीज को चलाना शुरू कर दिया जाता है। इसके बाद मरीज धीरे-धीरे स्वयं चलने फिरने के साथ दैनिक कार्य करना शुरू कर देता है। हॉस्पिटल के डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ सोनी ने बताया कि हॉस्पिटल में आरजीएचएस और चिरंजीवी योजनाों का लाभ मरीजों को उपलब्ध कराया जा रहा है।



