जैसलमेर। राज्य पक्षी और जिले का शुभंकर गोडावण सीमावर्ती जिले में सुखद स्थति में आने को हे।।वैसे गोडावण ब्रीडिंग सेंटर में कृत्रिम
रूप से नए गोडावण के जन्म अनवरत हो रहे है।इन केंद्रों में गोडावण की संख्या 32 हो चुकी है।ठीक उसी तरह राष्ट्रीय मरु उद्यान क्षेत्र के
बड़े भू भाग पर यदा कदा स्वच्छंद विचरण करते गोडावण दिखते है।।जेसलमेर के वन्य जीव प्रेमी राधेश्याम पैमानी विश्नोई ने मातृत्व
दिवस की पर कड़ी मेहनत कर एक बेहद खूबसूत छाया चित्र अपने कैमरे में कैद किया है। मातृत्व ममता का अहसास कराती यह तस्वीर
विश्नोई ने पिछले कई सालों से गोडावण को बचाने के लिए राजस्थान वन विभाग कृत्रिम रूप से गोडावण की ब्रीडिंग और बच्चो को बड़ा
करने का कार्य रामदेवरा और सम ब्रीडिंग सेंटर में करोड़ो रुपये खर्च करके कर रहे है।लेकिन ये फोटो उन करोड़ो रुपये पर भारी है।
यह फोटो गोडावण के प्राकृतिक आवास में जन्मे बच्चे की है जो वन्य जीव मित्र राधेश्याम द्वारा अपने जुनून और ख़ुद की मेहनत से
गोडावण के आवास को आवारा कुत्तो, शिकार की समस्याओं और अन्य कई कारणों से बचाने और गर्मी में पानी की व्यवस्था की कोशिशों के
फलस्वरूप यहाँ कई सालों बाद ये प्राकृतिक रूप से जन्मे बच्चे की फोटों देखने को मिली है।यह फोटो 2-4 दिन की नहीं सालों की मेहनत का
नतीजा है। दुनिया राधेश्याम को गोडावण मैन के नाम से ऐसे ही नहीं जानती। इनका काम बोलता है।बहुत सारे लोग गोडावण का बच्चा इस
फोटो से पहली बार सामने आई हैं ,यह दुर्लभ तस्वीर धोलिया गांव की कांकण पर गोडावण के नन्हे बच्चे के साथ विचरण करते ली हैं ।



