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मधुहीर राजस्थान
जैसलमेर। मुख्य प्रबंधक दी जैसलमेर सैण्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि जे पी देवडा ने बताया कि व्यवस्थापकों द्वारा बैंक एवं समिति के कार्यों में असहयोग किये जाने के कारण अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण 2024 एवं खरीफ ऋण वसूली2023 तथा केन्द्र एवं राज्य प्रवर्तित विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओ के क्रियान्वयन, किसानों को ब्याज मुक्त फसली ऋण का लाभ मिलने में बाधा उत्पन्न हो रही है। जिससे ग्राम सेवा सहकारी समिति की व्यवसायिकता, कार्यकुशलता एवं लाभप्रदाता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
देवडा ने बताया कि जिले में ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कार्यरत व्यवस्थापकों से आह्वान किया जाता है कि आप 19 जनवरी से अनिश्चितकालीन कार्य से बहिष्कार कर रहे है। इस संबंध में बैंक की ओर से राजस्थान सहकारी व्यवस्थापक यूनियन इकाई जैसलमेर के अध्यक्ष एवं उनके प्रतिनिधियों को बैंक प्रबन्धन द्वारा वार्ता हेतु 21व 25अप्रैल एवं 13मई को आमंत्रित किया गया था लेकिन व्यवस्थापक यूनियन अध्यक्ष एवं उनके प्रतिनिधि बैंक में वार्ता हेतु उपस्थित नहीं हुए। व्यवस्थापकों द्वारा बैंक एवं समिति के कार्यों में असहयोग किये जाने से ग्राम सेवा सहकारी समिति की व्यवसायिकता, कार्यकुशलता एवं लाभप्रदाता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। व्यवस्थापकों के द्वारा ग्राम सेवा सहकारी समितियों के ऋणी सदस्यों से निर्धारित अवधि के भीतर ऋण वसूली नहीं करने से काश्तकारों को ब्याज मुक्त ऋण योजना का लाभ प्राप्त नहीं हो सकेगा
तत्पश्चात बैंक के पत्र क्रमांक 825 दिनांक 27मई के द्वारा अध्यक्ष ग्राम सेवा सहकारी समितियों को पत्र प्रेषित कर अवगत करवाया गया कि सहकारी सेवा नियमों में समिति अध्यक्ष को ही व्यवस्थापक के विरुद्ध कार्यवाही करने का अधिकार राज्य, बैंक एवं समिति के हितों को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक कृषि ऋणदात्री सहकारी समितियों / वृहत् कृषि बहुउद्देशीय सहकारी समितियां के कर्मचारियों की भर्ती, चयन प्रक्रिया एवं सेवा नियम-2022 के नियम संख्या 41.4 अनुशासनिक प्राधिकारी के रुप में समिति अध्यक्ष बिन्दु संख्या 41.1.2 गंभीर दुराचरण में अंकित बिन्दुओं समय पर कार्यालय नहीं खोलना, आदेशों / निर्देशों की पालना नहीं करना, अन्य कर्मचारियों को हड़ताल के लिए उकसाना, संस्था के कार्यों के निष्पादन को धीमा करना, संस्था से बिना स्वीकृति के अनुपस्थित रहना की स्थिति में तत्काल अपनी ग्राम सेवा सहकारी समिति के व्यवस्थापक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ की जा सकती है। देवडा ने बताया कि सभी व्यवस्थापकगण, ग्राम सेवा सहकारी समिति लि०, को सूचित किया जाता है कि वे राज्य हित, बैंक हित एवं समिति हित को ध्यान में रखते हुए पुनः अपने कार्य पर लौटे एवं अपने पदेन कर्त्तव्यों का सम्पादन करना सुनिश्चित करें ताकि जिले के काश्तकारों को निर्धारित समयावधि में ऋण चुकाने पर ब्याज मुक्त ऋण योजना का लाभ प्राप्त हो सके एवं अन्य योजनाओं का संचालन आरंभ हो सके। बैंक प्रबन्धन से आपकी मांगों के संबंध में वार्ता करने के लिए आप द्वारा कार्य दिवस में बैंक प्रधान कार्यालय में उपस्थित होकर वार्ता की जा सकती है



