मधुहीर राजस्थान

जोधपुर। गोयल हाॅस्पिटल, रेजिडेन्सी रोड पर गत 31 मई को तिंवरी गाँव निवासी 34 वर्षीय एक महिला लगभग 3 साल से श्वास फूलने, चलने पर थकान होने व धड़कन बढ़ने की श्किायत के साथ OPD में दिखाने आई। वहाँ पर गोयल हाॅस्पिटल के वरिष्ठ ह्दय रोग विशेषज्ञ डाॅ. कौशल कुमार हरलालका ने मरीज की जाँच एवं ईको-कार्डियोग्राफी करने के बाद पाया कि मरीज के ह्दय के बाँयी तरफ का वाल्व (Mitral Valve) सिकुड़ा हुआ है। डाॅ. कौशल कुमार हरलालका ने बताया कि सामान्यतः इस Mitral Valve की Size 4 से 6 cm square होती है, जो कि इस मरीज में 0.9 cm ही पायी गई। डाॅ. कौशल हरलालका ने मरीज के रिश्तेदारों से बातचीत कर मरीज को भर्ती कर बेलून ऑपरेशन (BMV-Balloon Mitral Valvotomy) कराने की सलाह दी। मरीज के रिश्तेदारों की सहमति के बाद डाॅ. कौशल हरलालका ने मरीज को भर्ती करके ठडट ऑपरेशन किया जो कि पाँव की नस से एन्जियोग्राफी की तरह किया जाता है। इस तकनीक में मरीज को बेहोश करने की भी जरूरत नहीं पड़ती व मरीज को 24 से 36 घण्टे के अन्दर डिस्चार्ज करके घर भेज दिया जाता है।
गोयल हाॅस्पिटल के डायरेक्टर डाॅ. आनन्द गोयल ने बताया कि सामान्यतः Valve के ऑपरेशन ओपन हार्ट सर्जरी से होते है। जिसमे 1 सप्ताह तक मरीज को अस्पताल में रहना पड़ता है एवं मरीज के ह्दय में कृत्रिम वाल्व लगाया जाता है। किन्तु इस आॅपरेशन मंे डाॅ. कौशल हरलालका ने मरीज में Balloon से BMV तकनीक का उपयोग करके मरीज को तुरन्त राहत पहुँचाई एवं मरीज के नेचूरल वाल्व को भी सुरक्षित कर लिया, अब मरीज आराम से चल-फिर सकता है एवं मरीज की साँस भी नहीं फूलती एवं धड़कन भी नियंत्रण में है। डाॅ. आनन्द गोयल ने बताया कि डाॅ. कौशल हरलालका गोयल हाॅस्पिटल में पिछले 10 वर्षों से Heart के सभी प्रकार के जटिल ऑपरेशन करके जोधपुर संभाग के ह्दय रोगियों को लाभान्वित कर रहे है।
इस ऑपरेशन में डाॅ. कौशल हरलालका की टीम में डाॅ. नरेश मेवाड़ा एवं नर्सिंग स्टाफ-सुरेश, अनुग्रह, रामअवतार, अतुल्या का सहयोग रहा।



