पेंशन की राशि बेटी के खाते में ट्रांसफर, पीडि़ता पहुंचा अदालत की शरण में, पीडि़त व्यक्ति को बता दिया मरा हुआ
मधुहीर राजस्थान
जोधपुर। निकटवर्ती ओसियां के जगदंबा नगर जसनाथ की बाड़ी में रहने एक व्यक्ति को मृत बताकर उसकी पत्नी के नाम पर ईमित्र संचालक ने धोखाधड़ी करते हुए फर्जी दस्तावेज से विधवा पेंशन उठानी शुरू कर दी। तकरीबन 9 साल तक वह विधवा पेंशन की राशि उठाता रहा और अपनी बेटी के खाते में ट्रांसफर करता रहा। इसमें सबसे बड़ी बात है कि पीडि़त कई बार मथानिया थाने गया, मगर उसका केस पुलिस ने दर्ज नहीं किया। आखिरकार पीडि़त ने अदालत की शरण ली तब जाकर केस दर्ज किया गया।
दरअसल ओसियां के जगदंबा नगर जसनाथ की बाड़ी निवासी रेंवतराम पुत्र नैनाराम जाट की तरफ से यह मामला दर्ज करवाया गया। इसमें बताया कि वह जीवित है। उसकी पत्नी गीता भी जीवित है। मथानिया के गगाड़ी में जगदीश पुत्र दूदाराम जाट गगाड़ी में ही ईमित्र की दुकान चलाता है। वर्ष 2013 जनवरी में जगदीश जाट ने फर्जी दस्तावेजों से परिवादी को कागजोंं में मृता दिया और फिर उसकी पत्नी गीता के नाम से दस्जावेज बनाकर विधवा पेंशन उठाता रहा। वह दिसम्बर 2022 तक पेंशन उठाता रहा। तकरीबन वह नौ साल तक विधवा पेंशन उठाता रहा और पेंशन के रूपए अपनी बेटी के खाते में ट्रांसफर करता रहा।
पीडि़त रेंवतराम का कहना है कि एक दिन जगदीश ने उसे अपनी दुकान पर बुलाया और अंगूष्ठ का निशाना लगाने को बोला फिर उसकी पत्नी और बच्चों को बुलाया गया। इस पर उसका संदेह ईमित्र संचालक पर हुआ। उसने अपने स्तर पर पता किया तो मालूम हुआ कि परिवादी को मृत बताकर उसकी पत्नी के नाम से विधवा पेंशन उठाई जा रही है। इस बारे में वह फिर मथानिया थाने केस दर्ज कराने गया तो उसका केस दर्ज नहीं किया गया। वह 23 सितंबर 23 को मथानिया थाने गया तो उसका केस दर्ज नहीं कर टरका दिया गया। फिर पीडि़त ने पुलिस आयुक्तालय पर भी शिकायत दी, फिर भी केस दर्ज नहीं किया गया। आखिरकार अब कोर्ट में इस्तगासे पर धोखाधड़ी में केस दर्ज करवाया गया है।


