उपराष्ट्रपति ने न्याय प्रणाली को देश का मजबूत स्तम्भ बताया
मधुहीर राजस्थान
जोधपुर। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि न्याय व्यवस्था ने ही भारत के नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों को बरकरार रखा हुआ है। वे आज यहां बार काउंसिल ऑफ राजस्थान की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट के प्लेटिनम जुबली महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान रोल ऑफ ज्यूडिशरी इन इमर्जिंग इंडिया विषय पर सेमिनार भी आयोजित हुई।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सभी को प्लेटिनियम जुबली की बधाई दी। उन्होंने अपने उद्बोधन में कई ऐसे केस व कोर्ट के फैसलों को जिक्र किया। जिनके फैसलों से नागरिकों को मौलिक आजादी का फायदा मिल रहा है। उन्होंने न्याय प्रणाली को देश का मजबूत स्तम्भ बताया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि मानव जीवन का सबसे अनमोल पहलू स्वतंत्रता है। लोग लोकतंत्र से प्यार करते हैं, क्योंकि वे स्वतंत्रता को अपनी जीवनरेखा मानते हैं। कानून प्रजा के लिए या बाहर से काम करने वाली संप्रभु शक्ति के लिए नहीं हैं, बल्कि वे हमारे से हैं, हमारे लिए हैं और हमें उन्हें वास्तविकता में अनुवादित करना है।
कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति जगदीश धनखड़ के साथ सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एजी मसीह, न्यायाधीश संदीप मेहता, राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मनिन्द्र मोहन श्रीवास्तव, विधि मंत्री जोगाराम पटेल, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा व बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के चेयरमैन भुवनेश शर्मा सहित कई पूर्व न्यायाधीश व अधिवक्ताओं ने भी शिरकत की। समारोह में राजस्थान हाईकोर्ट के वर्तमान एवं पूर्व न्यायाधीश, बार कौंसिल ऑफ राजस्थान के वर्तमान एवं पूर्व सदस्य, प्रदेश में स्थित बार संघों के पदाधिकारी एवं अधिवक्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान बार कौंसिल ऑफ राजस्थान के पूर्व सदस्यों का सम्मान किया गया।



