मधुहीर राजस्थान
जोधपुर। जोधपुर में फैलाया गया नकली नोट का जाल आरबीआई तक पहुंच गया है। आरबीआई द्वारा नोट छंटाई में 11 हजार से ज्यादा जाली नोटों का पता लगा है। यह नोट जोधपुर की तीन बैंक शाखाओं में जमा होने का पता लगा है। इसमें दो हजार के जाली नोट भी शामिल है। जयपुर नोडल थाने से अब जोधपुर के नोडल थाने सरदारपुरा में इस बाबत केस दर्ज करवाया गया है।
सरदारपुरा पुलिस से मिली जानकारी अनुसार आरबीआई जयपुर के प्रबंधक सुमैल अहमद ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। रिपोर्ट में बताया कि मई 2023 से अप्रैल 2024 तक बैंक को अलग-अलग बैंक की तिजोरियों से गंदे नोट भेजे गए थे। इनके प्रेषण परीक्षण में कई नोट नकली पाए गए है। इसमें 100, 50 और 2000 के नोट शामिल है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। जोधपुर एसबीआई से भेजे गए गंदे नोटों में 100-100 के 12 नोट मिले है। एक्सिस बैंक से भेजे गए नोटों में 50 के 5 नोट और यूको बैंक से भेजे गए नोट में 2000 के 5 नोट नकली मिले है। नोटों की छपाई और स्कैनर से मालूम हुआ कि यह नोट वर्ष 2023 मई से वर्ष 2024 के मध्य जमा हुए है। नोट कुल मिलाकर 11 हजार 450 रुपए है जोकि जाली है। इस बारे में अब अज्ञात शख्स के खिलाफ सरदारपुरा नोडल थाने में यह प्रकरण दर्ज करवाया गया है। जिले में नकली नोट के गिरोह पर सरदारपुरा पुलिस पहले से कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने पिछले दिनों प्रदेश में नकली नोट का नेटवर्क चलाने वाले गुरप्रीत सिंह को पंजाब से गिरफ्तार किया था। आरोपी ने जोधपुर के अलावा राजस्थान के अन्य जिलों में भी नकली नोट सप्लाई करने की बात का कबूल की थी। इसके बाद से पुलिस इस संबंध में आगे की जांच कर रही है। पुलिस की पूछताछ में राजस्थान में नकली नोट सप्लाई करने वाले मास्टमाइंड गुरप्रीत सिंह ने लाखों रुपए अलग-अलग जिले में सप्लाई करने की बात कबूल की है। इसमें ज्यादातर नकली नोट लेने वाले युवा है जो अपने नशे व मौज-मस्ती के लिए इन नोटों को बाजार में चलाते थे। ऐसे में इन गिरोह द्वारा चलाए नकली नोट भी बैंकों के सामने आएंगे।



