– लाखों लोगों ने मेले में की शिरकत
– सेमिनार और प्रतियोगिताओं में भी नजर आया उत्साह
मधुहीर राजस्थान
जोधपुर (बहादुर सिंह चौहान)। शहर के रामलीला मैदान में आयोजित हुए पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव का रविवार को समारोह पूर्वक समापन हुआ। रविवार को मेले का ” फिर मिलेंगे ” संकल्प के साथ मेले का समापन समारोह आयोजित हुआ , जिसमें सैनाचार्य अचलानंद जी महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ। वहीं धर्म जागरण क्षेत्रीय प्रमुख ललित शर्मा, डीआईजी जेल राकेश मोहन, लघु उद्योग भारती के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा, लघु उद्योग भारती प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मेला मुख्य समन्वयक महावीर चोपड़ा, आयोजन सचिव एस एस पालीवाल विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
रविवार को मेले का ” फिर मिलेंगे ” संकल्प के साथ मेले का समापन हुआ। लघु उद्योग भारती के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा ने बताया 25 दिसंबर से शुरू हुए इस 11 दिवसीय मेले में शहर वासियों ने जबरदस्त उत्साह दिखाया। जोधपुर के अलावा आसपास के जिलों से भी लोग मेला देखने आए और यहां आने वाले छोटे-छोटे आर्टिजन और उद्यमियों को भी काफी अच्छी बिक्री का प्लेटफार्म उपलब्ध कराया गया। आयोजन सचिव एस एस पालीवाल और अतिरिक्त आयुक्त पूजा मेहरा ने सभी अतिथियों , मेला आयोजन नोडल एजेंसी लघु उद्योग भारती के सभी पदाधिकारी एवं सदस्यों का आभार जताते हुए कहा कि पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव सभी के संयुक्त प्रयासों से ही सफल हुआ है। इस उत्सव के माध्यम से सैकड़ो उद्यमियों को अपने उत्पाद बेचने का बेहतर प्लेटफार्म भी मिला।
लाखों लोगों ने मेले में की शिरकत
मेला मुख्य समन्वयक महावीर चोपड़ा ने बताया कि इस बार मेले में लाखों लोगों ने मेले में शिरकत की। मेले की शुरुआत के साथ ही लोगों ने मेले के प्रति उत्साह दिखाया और सभी स्टॉल्स पर लगाए गए उत्पादों की सराहना की।
सेमिनार के माध्यम से उद्योगों को दी गई नवीन जानकारियां
लघु उद्योग भारती प्रांत महामंत्री सुरेश कुमार विश्नोई ने बताया कि मेले में इस बार अलग-अलग विषयों पर सेमिनार आयोजित किए गए। प्रतिदिन आयोजित हुए सेमिनार में अलग-अलग विषयों पर उद्यमियों को नवीनतम जानकारियां दी गई और संबंधित विषय विशेषज्ञों ने सरल अंदाज में उद्योग के लिए आने वाली समस्याओं के समाधान बताएं। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे, जिसका काफी लाभ हुआ।
सेंट्रल पंडाल रहा आकर्षण का केंद्र
पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव में सेंट्रल पंडाल हर किसी के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। सेंटल पांडाल के बाहर सियाचिन ग्लेशियर बॉर्डर पर सेना के शौर्य को प्रदर्शित करने वाली झांकी सभी के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही वहीं मेले में विशेष रूप से स्थापित बोइंग विमान, ब्रह्मोस मिसाइल , एस 400 की प्रतिकृति भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। सेंट्रल पंडाल में जोधपुर शहर के सभी औद्योगिक इकाइयों के बेहतरीन उत्पादों की प्रदर्शनी सजाई गई है और यह सेंट्रल पंडाल मेला देखने के लिए आने वाले लोगों को काफी पसंद आया, साथ ही सेंट्रल पंडाल में 51 मीटर का घाघरा भी मुख्य आकर्षण रहा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं ने भी दर्शकों का किया मनोरंजन
हस्तशिल्प मेले के दौरान प्रतिदिन सुबह और शाम को अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने जहां दर्शकों का जमकर मनोरंजन किया तो वही विभिन्न प्रतियोगिताओं में भी हर वर्ग के लोगों ने उत्साह के साथ अपनी भागीदारी निभाई।

