नवरात्र के पहले दिन निशुल्क वितरित की जाने वाली मूर्तियां बन कर तैयार, शास्त्री मोहित भाई दाधीच विधि विधान से विद्वान पंडितो के साथ मिलकर करायेंगे प्राण प्रतिष्ठा, शिल्पकार जयशंकर बावरी के नेतृत्व में 15 कारीगरों की टीम ने अथक प्रयासों से तैयार की है मूर्तियां, मूर्ति बनाने वाले जयशंकर बावरी ने दिखाया बड़प्पन, कहा, श्याम बाबा की कमाई से प्याऊ बनाने के बाद अब लगाएंगे भगवान शिव की शमशान में मूर्ति, गीता भवन में चल रही है जोर-शोर से आयोजन की आवश्यक तैयारियां
मधुहीर राजस्थान
जोधपुर। श्याम भक्ति सेवा संस्थान द्वारा जोधपुर में नववर्ष के अवसर पर एक अनूठी धार्मिक पहल की जा रही है, जिसके तहत 500 घरों में प्राण प्रतिष्ठित खाटू वाले श्याम बाबा की मूर्तियां पहुंचाई जाएंगी। संस्थान की अध्यक्ष मोनिका प्रजापत के नेतृत्व में नवरात्र के पहले दिन इन मूर्तियों का निशुल्क वितरण किया जाएगा। आयोजन से जुड़े शास्त्री मोहित भाई दाधीच ने बताया कि मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा विधि-विधान के साथ विद्वान पंडितों की उपस्थिति में कराई जाएगी, ताकि भक्तों को विधिवत पूजनीय स्वरूप प्राप्त हो सके। इस धार्मिक पहल को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
आयोजन समिति के अध्यक्ष ईश्वर सिंह उदावत और संस्थान के कार्यवाहक सचिव हेमंत लालवानी ने जानकारी देते हुए बताया कि, मूर्तियों का निर्माण प्रसिद्ध शिल्पकार जयशंकर बावरी के नेतृत्व में 15 कारीगरों की टीम ने अथक परिश्रम से किया है। कई दिनों की मेहनत के बाद सभी मूर्तियां पूरी तरह तैयार हो चुकी हैं। शिल्पकार जयशंकर बावरी ने भी इस अवसर पर बड़ा दिल दिखाते हुए कहा कि श्याम बाबा की कृपा से हुई कमाई से पहले उन्होंने प्याऊ का निर्माण कराया था और अब वे श्मशान में भगवान शिव की मूर्ति स्थापित करवाने का संकल्प ले रहे हैं। इस धार्मिक आयोजन की तैयारियां इन दिनों गीता भवन में संस्थान की अध्यक्ष मोनिका प्रजापत और गीता प्रचार मंडल के सचिव राजेश लोढ़ा की देखरेख में जोर-शोर से चल रही हैं। नवरात्र के पहले दिन होने वाले इस विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन समिति के अध्यक्ष ईश्वर सिंह उदावत ने बताया कि, यह पहल समाज में भक्ति और धार्मिक संस्कारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक घरों में श्याम बाबा की पूजा-अर्चना हो सके।
प्राण प्रतिष्ठा पूजन कमेटी के अध्यक्ष पंडित एस के जोशी ने अपनी टीम के सदस्य जगदीश कुमार, नितिन आचार्य, राधा कृष्ण शर्मा, प्रभाँशु जोशी और भूमित्र जोशी के नेतृत्व में मूर्तियों के निर्माण कार्य को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि
जिस प्रकार शास्त्री मोहित भाई दाधीच की देखरेख में अलग-अलग 100 मंदिरों में स्थापित श्याम बाबा की 100 मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा कराई गई थी उसी प्रकार उन्ही के नेतृत्व में पंडित मांगीलाल दाधीच, पंडित राजेश दाधीच, पंडित उमेश त्रिपाठी और पंडित प्रदीप दाधीच के नेतृत्व में लगभग 11 पंडितों द्वारा मंत्रोचारण के साथ विधि विधान से 500 श्याम बाबा की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा कराई जाएगी। जोधपुर के गीता भवन में 19 मार्च को प्रातः 9:00 बजे विधि विधान से मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कराने वाले शास्त्री मोहित भाई दाधीच का कहना है कि, मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा सनातन धर्म में एक अत्यंत पवित्र और आवश्यक वैदिक विधान है, जिसके द्वारा पत्थर या धातु की निर्जीव मूर्ति में मंत्रोच्चारण और पूजा के माध्यम से दिव्य चेतना, ऊर्जा और ईश्वरत्व स्थापित किया जाता है। इस अनुष्ठान के बाद ही मूर्ति ‘जीवंत’ होकर पूजनीय बनती है और भक्त ईश्वर से सीधे जुड़ पाते हैं।
वर्षों से हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां बनाने का कार्य कर रहे शिल्पकार जयशंकर बावरी ने बताया कि वह स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें खाटू वाले श्याम बाबा की एक-दो नहीं बल्कि 600 मूर्तियां बनाने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि पहले 100 बड़ी मूर्तियां बनाकर मंदिरों के लिए दी गई थीं और अब 500 मूर्तियां घरों में पूजा के लिए तैयार की जा रही हैं। इन मूर्तियों के निर्माण में कुल 15 कारीगर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं और अब तक 400 से अधिक मूर्तियां तैयार हो चुकी हैं, जबकि शेष मूर्तियां भी एक-दो दिन में पूरी हो जाएंगी। जयशंकर बावरी ने श्याम भक्ति सेवा संस्थान परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें श्याम बाबा से जुड़ने का यह पवित्र कार्य सौंपा। उन्होंने बताया कि मूर्तियां बनाने से जो भी मजदूरी के रूप में आय प्राप्त हुई है, उससे उन्होंने पहले श्मशान घाट में एक प्याऊ बनवाया है और अब उसी कमाई से वहां भगवान शिव की मूर्ति स्थापित करने की तैयारी कर रहे हैं। श्याम बाबा की मूर्तियों को बनाने का काम करने वाले जयशंकर बावरी की टीम में लक्ष्मी चौहान,भुवनेश्वर चौहान, मोहन चौहान, गोविंद चौहान, सुनीता भाटी, रुकमा राठौड़, बसंती चौहान, रुकमा चौहान, मांगीलाल राठौड़, गोपाल भाटी, बंसी सोलंकी, लक्ष्मण भाटी, रोशन सोलंकी, भंवर सोलंकी और राजूराम पवार शामिल है.
उल्लेखनीय है कि, अलग-अलग दायित्व निभाने के लिए छोटी-छोटी कमेटियों का गठन किया गया है। इनमें प्राण प्रतिष्ठा पूजन कमेटी के अध्यक्ष पंडित एस. के. जोशी को बनाया गया है, जबकि सदस्य के रूप में जगदीश कुमार, नितिन आचार्य, राधाकृष्ण शर्मा, प्रभांशु जोशी और भूमित्र जोशी शामिल किए गए हैं। इसी तरह श्याम बाबा श्रृंगार कमेटी के अध्यक्ष के रूप में लक्की गोयल को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिनमें सदस्य के रूप में गौतम उपाध्याय, मनीष गहलोत, नवीन भाटी और तेजकंवर सांखला को शामिल किया गया है। प्रसाद व्यवस्था व वितरण कमेटी का अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल को बनाया गया है और राजूराम जांगिड़, माधव सिंह मेहरू तथा सुमेर सिंह राजपुरोहित को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। गीता भवन प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी पुखराज जांगिड़ को दी गई है और सदस्य के रूप में दिलीप मेहता, तन्मय भाटी, जितेंद्र राजपुरोहित, मंजू प्रजापति, ललिता शर्मा, ऋषभ प्रजापत और जयंत चौहान को शामिल किया गया है। इसी प्रकार टेंट, माइक, बैनर व जल व्यवस्था कमेटी का अध्यक्ष कन्हैयालाल सबनानी को बनाया गया है तथा सदस्य के रूप में प्रदीप कुमार, जयेश चौहान, काव्यांश प्रजापत और लवजीत कुमार को शामिल किया गया है। वहीं अतिथि स्वागत अभिनंदन कमेटी की अध्यक्ष पूजा शर्मा को बनाया गया है, जिनके साथ सदस्य के रूप में अनुपमा सांखला, मोनिका टाक, अक्षिता राजपुरोहित और प्रेमलता मेहता को जिम्मेदारी दी गई है। मीडिया एवं सोशल मीडिया प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष सुमेर सिंह चूंडावत को बनाया गया है, जबकि सदस्य के रूप में कृष्णा गौड़, दीक्षित परिहार, निश्चल सोलंकी, ऋषि प्रजापत और विशाल परिहार को शामिल किया गया है। वित्त कमेटी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी मोहित हेड़ा को दी गई है और सदस्य के रूप में जीवन जाखड़, सम्पत राज जांगिड़, पवन बूब, धर्मेंद्र सिंह सोलंकी और दीपक भूतड़ा को शामिल किया गया है।



