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शताब्दी वर्ष का आगाजः शस्त्र पूजन व घोष के ताल पर निकलेगा शौर्य प्रदर्शन, रूपरेखा तैयार
2 अक्टूबर को नारलाई गांव में विभिन्न मांगों से निकलेगा पंथ संचलन
जगह-जगह होगी पुष्प वर्षा
मधुहीर राजस्थान
जगदीश सिंह गेहलोत
जगदीश सिंह गेहलोत
देसूरी। विश्व का सबसे बड़ा संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विजयादशमी पर अपने 100 वर्ष पूर्ण कर रहा है इस अवसर पर 2 अक्टूबर से संघ शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों का शुभारम्भ होगा। जिसके अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला बनाई गई है पुरे जिले में विजयादशमी उत्सव इस वर्ष और भी भव्य होने जा रहा है इसी क्रम में पाली नगर की सभी बस्तियों में विजयादशमी उत्सव के साथ पूर्ण गणवेश में पथ संचलन निकाला जायेगा।जिला संघचालक नेमीचंद अखावत ने बताया की हिन्दू समाज का पुनर्जागरण ही संघ का उद्देश्य रहा है। संघ का लक्ष्य हिन्दू समाज को संगठित करना है। अस्पृश्यता जैसे कई अंतर्निहित दोषों के कारण यह एक कठिन कार्य था। संघ अपनी शाखाओं और राष्ट्रव्यापी गतिविधियों के माध्यम से इसी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लगातार काम कर रहा है, जो एक सामंजस्यपूर्ण समाज और राष्ट्र के लिए सभी को एक साथ लाता है। शताब्दी वर्ष में संघ के स्वयंसेवक पंच परिवर्तन को लेकर जनजागरण करेंगे। इनमें पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समतरता, स्व आधारित व्यवस्था, कुटुंब प्रबोधन तथा नागरिक कर्तव्य, इन बिंदुओं का समावेश रहेगा। शताब्दी वर्ष के दौरान व्यापक गृह संपर्क अभिमान, हिन्दू सम्मेलन, प्रबुद्ध नागरिक गोष्ठी और सामाजिक सद्भाव बैठकों का आयोजन भी किया जाएगा। विजयादशमी से आरंभ हो रहे शताब्दी वर्ष में नगर की पांचौ इकाईयों ने तय किया है कि विजयादशमी पर संघ का स्थापना दिवस पूरे अनुशासन और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि पूरे नगर को 30 बस्तियों में बांटा गया है और सभी बस्तियों में पहले शस्त्र पूजन होगा उसके पच्यात पथ संचलन निकला जायेगा। जिसकी दिनाक 2, 5 व 12 अक्टूम्बर रहेगी, कार्यक्रम की तैयारिया जोरो पर चल रही है इसके लिए प्रतिदिन लगने वाली शाखाओ पर इसका नियमित अभ्यास किया जा रहा है और बस्ती क्षेत्र के सभी स्वयंसेवकों से संपर्क करने के साथ उनकी गणवेश पूर्ण करवाई जा रही है साथ ही शहर में अलग अलग जगह घोष की ताल पर अभ्यास पथ संचलन निकले जा रहे है। जिससे पुरे शहर का वातावरण संघमय हो गया है जैसे ही अभ्यास करते हुए स्वयंसेवक गली मोहल्लो से गुजरते है तो बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक उसको उत्सुकता से निहारते रहते है और देशभक्ति के उद्घोष से उनका स्वागत करते है।
उन्होंने कहा की पूर्वाभ्यास के क्रम में शहर के सोमनाथ मंदिर के पास स्थित संघ कार्यालय से घोष का कौमुदी संचलन निकाला गया जो रात के अँधेरे को चीरता हुआ अनुशासन व् समरसता का पाठ पढाता हुआ शहर के मुख्य मार्गो भेरुघाट, गीता भवन, अम्बेडकर सर्कल, जनता कॉलोनी, शिवाजी सर्कल, बांगड़ कॉलेज, शिवाजी सर्कल, सूरजपोल, सोमनाथ मंदिर होते हुए पुन्ह: संघ कार्यालय पहुच कर पूर्ण हुआ। जिसमे स्वयंसेवक हाथो में मशाले थामे संचलन के साथ चल रहे थे घोष व भगवा धव्ज में तिरंगे की थीम पर रौशनी की गयी थी जो सभी के लिए कोतूहल का विषय रही।उन्होंने बताया ही शहर में कई जगह घोष केंद्र स्थापित किये गये है जहा स्वयंसेवकों को नियमित रूप से घोष वादन सिखाया जा रहा है। शताब्दी वर्ष आयोजनो को लेकर स्वयंसेवक पुरे जोश व् उत्साह के साथ लगे हुए है।
वही 2 अक्टूबर को देसूरी तहसील की मंडल कार्यवाह के नेतृत्व में संघ के कार्यकर्ता भव्य तैयारी में लगे हुए हैं।


