मधुहीर राजस्थान
जोधपुर। जोधपुर में पैंथर के आतंक की खबर फिर से सामने आई है। जोधपुर में पैंथर ने एक दर्जन से अधिक काला हिरणों को शिकार बनाया है। इस बात की जानकारी सामने आते ही बिश्नोई समाज ने जांच की मांग उठाई है।
राजस्थान के जोधपुर में पिछले करीब 2 महीने से पैंथर का मूवमेंट लगातार बना है. पैंथर को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीमों ने संभावित स्थानों पर पिंजरे भी लगाए थे लेकिन पैंथर पकड़ में नहीं आया। काफी दिनों से पैंथर की कोई हलचल नहीं होती देख वन विभाग निश्चित हो गया था कि संभवत जिस रास्ते से पैंथर आया था उसी रास्ते से वह गुजर गया होगा. लेकिन सोमवार को माचिया सफारी पार्क में एक साथ 13 काले हिरण मृत मिलने से वन विभाग मैं हडकम्प मच गया। वही वन्य विशेषज्ञ ने जब इस इलाके का दौरा किया तो वहां पर पैंथर के पैर के मार्क मिले। जिससे संभावना जताई गई कि संभवत रात को पैंथर का मूवमेंट होने की वजह से हिरणों की मौत हुई है। हालांकि हिरणों का पोस्टमार्टम करवाया गया है। उपवन संरक्षक ने काला हिरणों के मौत की पुष्टि की वहीं उपवन संरक्षक सरिता चौधरी ने बताया कि 13 काले हिरणों की मौत हुई है और माचिया सफारी पार्क में पैंथर के फुटमार्क मिले है। हिरणों की मौत का कारण भी पैंथर ही है।
वहीं अब पैंथर को पकड़ने के लिए वन विभाग ने संभावित स्थानों पर पिंजरा लगाया है। वहीं ट्रेंकुलाइज राइफल के साथ कर्मचारियों को तैनात किया गया है। एक साथ 13 काले हिरणों की मौत से जहां वन्य जीव प्रेमियों में निराशा का माहौल है, वही पैंथर को लेकर वन विभाग के साथ-साथ लोगों की भी चिंताएं बढ़ चुकी है। देखना यह है कि अब यह पैंथर कब तक पकड़ पाता है। बिश्नोई समाज ने कमेटी गठित कर जांच की मांग की इधर 13 काला हिरणों की मौत पर बिश्नोई समाज ने दुख जताया है. बिश्नोई टाइगर फोर्स पर्यावरण एवं जीव संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल भवाद ने इस मामले की जांच करने के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने की मांग की है।
उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की बात कही है कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध किया जाएगा बिश्नोई टाइगर्स वन्य एवं पर्यावरण संस्थान बिश्नोई टाईगर फोर्स के अध्यक्ष रामपाल भवाद ने कहा कि माचिया बॉयलोजिकल पार्क हो या फिर ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर जोधपुर वन विभाग में ऐसी अव्यवस्थाओं को पहले कभी नहीं देखा। एक दर्जन से ज्यादा काले हिरणों की मौत में सीधे तौर पर वन्यजीव मंडल के जिला वन अधिकारी की पूर्णतया लापरवाही रही है। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच आवश्यक है तथा राजस्थान सरकार द्वारा दोषी वन अधिकारियों को खिलाफ सख्त कार्यवाही करें। लापरवाह जिला वन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही नहीं होने की स्थिति में पर्यावरण प्रेमी संगठनों द्वारा विरोध प्रकट किया जाएगा।


