मधुहीर राजस्थान
जोधपुर। माचिया सफारी पार्क में घुसा लेपर्ड गुरुवार को चौथे दिन भी वन विभाग की पकड़ से बाहर है। रविवार रात 13 काले हिरणों के झुंड पर हमला करने के बाद वन विभाग ने पिंजरे लगाए थे। लेकिन अब तक पैंथर इसमें नहीं आया है। पैंथर का मूवमेंट देखने के बाद पार्क को आमजन के लिए बंद कर दिया था। गुरुवार को दूसरे दिन भी यहां पर्यटकों की एंट्री बंद रही। साथ ही वन विभाग की टीम दिनभर पार्क के अलग-अलग एरिया में पैंथर को तलाशती रही। डीएफओ सरिता कुमारी ने बताया कि पैंथर अभी पार्क में ही कहीं छिपा हुआ है। उसे ढूंढऩे के लिए हर तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। पैंथर को पकडऩे के लिए तीन पिंजरे लगाए गए हैं, इनमें स्ट्रीट डॉग रखे गए हैं, ताकि उसको ट्रैप किया जा सके। साथ ही करीब पंद्रह से अधिक वनकर्मी ड्यूटी पर हैं। ऐहतियात के तौर पार्क लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही पार्क में मारे गए 13 काले हिरण के मामले में भी जांच की जा रही है। इधर सीसीएफ जोधपुर आरके जैन ने भी पूरे मामले की जांच के आदेश दे रखे हैं। जांच के लिए तीन लोगों की कमेटी बनाई गई है। कमेटी सात दिन में रिपोर्ट देगी। बता दे कि रविवार रात को माचिया सफारी में एक पैंथर घुस गया था और पार्क के पिंजरे में घुसकर 13 काले हिरण को मार दिया था। सोमवार सुबह इस संबंध में जब वन विभाग को सूचना मिली तो अधिकारी अलर्ट हो गए। पार्क में पैंथर के पगमार्क मिले थे। जिसके बाद अधिकारियों ने उसे पकडऩे के लिए पार्क में पिंजरे लगाए थे। बताया जा रहा है कि यह पैंथर करीब डेढ़ माह पहले सूरसागर क्षेत्र में घुस गया था। उसे वन विभाग ने पकडऩे के लिए अलग-अलग जगह पर पिंजरे लगाए थे। पैंथर की लोकेशन अलग-अलग आने से उसका पता नहीं चल पा रहा था। रविवार को माचिया में इस पैंथर द्वारा काले हिरण का शिकार करने के बाद से उसे पकडऩे के लिए पिंजरे लगाए गए हैं।


