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मधुहीर राजस्थान
जैसलमेर। जल ही जीवन है सत्य हुआ रविवार सुबह देगराय ओरण के समीप भीखसर सरहद पर मादा हिरण की मौत हो गई। ओरण का तालाब सुखने के पश्चात् इस सप्ताह निरंतर तीसरी मौत हुई है। हिरन प्यास के कारण दर दर भटक कर खत्म हो रहे हैं और श्वानों के शिकार हो जाते हैं। रविवार सुबह हिरण को तड़फता देखकर पशुपालक चुतराराम ने वन्यजीव प्रेमी सुमेरसिंह भाटी सावता को सूचना दी भाटी तुरंत मोके पर पहुंचे थोङी देर में मादा हिरन ने दम तोड दिया। वनविभाग को सुचित करने पर वनविभाग टीम में सुदामाराम मौके पर पहुंचे स्थानीय ग्रामीणों विजयसिंह,लक्ष्मणसिंह, कवराजसिह सोभागसिह के साथ मिलकर मादा हिरण को दफनाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण अबोले जीव पानी की प्यास की भेंट चढ रहे है।


