मधुहीर राजस्थान
बालोतरा (असरफ मारोठी)। सीईटीपी ट्रस्ट पर एचआरटीएस की आड़ में ग्राम जसोल की खसरा नंबर 73 गेर मुमकिन रास्ता भूमि पर चारदीवारी का निर्माण कर रास्ता भूमि पर दरवाजा लगाकर अवैध अतिक्रमण करने का आरोप। बालोतरा जिला कलेक्टर को एडवोकेट अकरम ने शिकायती पत्र प्रस्तुत कर जसोल ग्राम की गेर मुमकिन रास्ता भूमि पर सीईटीपी ट्रस्ट द्वारा संचालित एचआरटीसी की आड़ में गेर मुमकिन रास्ता भूमि पर दरवाजा लगाकर अवैध रूप से रास्ता बंद कर किया गया अवैध अतिक्रमण को हटवाकर आमजन के लिए की रास्ते को खुलवाने की मांग। बालोतरा सीईटीपी ट्रस्ट द्वारा संचालित एचआरटीसी की आड़ में गेर मुमकिन रास्ता भूमि पर दरवाजा लगाकर किया गया अवैध अतिक्रमण को हटाने की मांग ने पुनः जोर पकड़ लिया है। बालोतरा जिला कलेक्टर को शिकायती पत्र सौंपकर एचआरटीएस की चारदीवारी के पीछे गेर मुमकिन रास्ता भूमि पर दरवाजा लगाकर किया अवैध अतिक्रमण को एडवोकेट अकरम ने की हटाने की मांग।
ज्ञातव्य रहे कि जसोल से खेड़ जाने वाला गैर मुमकिन रास्ता भूमि खसरा नंबर 73 पर राजस्व रिकार्ड में भी दर्ज है। जिसका नक्शा व जमा बंदी प्रमाणित प्रतिलिपि भी जिला कलक्टर को एडवोकेट अकरम द्वारा शिकायती पत्र के साथ प्रेषित किया गया है। इस गेर मुमकिन रास्ता भूमि से वर्षों से जसोल, तेमावास, खेड़, बालोतरा के किसानों, राहगीरों का हमेशा अपने खेतों में आना जाना रहा है। परंतु खेदजनक विषय यह है कि गत कई वर्षों से इस गेर मुमकिन रास्ता भूमि पर एचआरटीसी तालाब की आड़ में चारदीवारी का निर्माण कर प्रभावशाली सफेदपोश धन्ना सेठों द्वारा अवैधानिक अतिक्रमण कर इस रास्ते को बंद कर दिया गया, इस गेर मुमकिन रास्ता भूमि को बंद करने का मुख्य उद्देश्य इस रास्ते से काश्तकारों एवं आम लोगों का आवागमन बंद करने से बालोतरा सीईटीपी (ट्रीटमेंट प्लांट) द्वारा जारी अवैध गतिविधियों की भनक किसी को नहीं लगने देना माना जा रहा है। यह सर्वविदित है कि गत दिनों से सीईटीपी (ट्रीटमेंट प्लांट) द्वारा एचआरटीएस में छोड़ा जाने वाला जहरिला रासायनिक पानी को जमा कर रात्रि में रासायनिक युक्त इस पानी को लूणी नदी में सीधे छोड़े जाने के रहस्य का पर्दाफाश समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया पर सुर्खियों बटोर रहे हैं। इस रास्ते को बंद करने का उद्देश्य इनके क्रियाकलापों का कहीं कोई भंडाफोड़ भी नहीं होगा, इस बात को लेकर इन लोगों में भय व्याप्त रहता है है।
युवा जिला कलक्टर सुशील कुमार यादव से अपेक्षा की जाती है कि गेर मुमकिन रास्ते की भूमि से सीईटीपी ट्रस्ट द्वारा संचालित एचआरटीसी का दरवाजे को हटाने एवं अतिक्रमण को हटाने का आदेश प्रदान कर किसानों को खेतों में आवागमन के लिए गेर मुमकिन रास्ता भूमि खसरा नंबर 73 से अतिक्रमण को हटाकर आमजन के लिए रास्ता खुलवाकर राहत प्रदान करेंगे। ज्ञातव्य रहे कि पूर्व में भी बालोतरा उपखण्ड अधिकारीयों को कई बार इस संबंध में ज्ञापन सौंपकर गेर मुमकिन रास्ता भूमि से अतिक्रमण को हटाने की मांग की जा चुकी है, परंतु आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। जिला कलेक्टर को प्रस्तुत शिकायत पत्र की प्रतिलिपि को मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार सहित उच्चाधिकारियों को भेजकर खसरा नंबर 73 गेर मुमकिन रास्ता भूमि से सीईटीपी ट्रस्ट द्वारा संचालित एचआरटीसी का अतिक्रमण हटाने की आमजन द्वारा पूरजोर मांग की गई है।


