आमजन को सतर्क रहने की सलाह
मधुहीर राजस्थान
जोधपुर। भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को ध्यान में रखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जोधपुर, फलोदी, बाड़मेर और जैसलमेर जिला कलेक्टर ने अपने-अपने जिलों मेंअगले आदेशों तक सभी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है। अस्पतालों में अलर्ट जारी किया गया है। बेड रिजर्व किए जा रहे हैं। संभाग भर में ब्लड बैंकों से प्रशासन स्टॉक का पता कर रहा है। संभागीय आयुक्त प्रतिभा सिंह खुद सभी की मॉनिटरिंग कर रही हैं। वहीं जोधपुर रेंज आईजी विकास कुमार भी सीमावर्ती जिलों में पहुंच गए हैं। संभागीय आयुक्त प्रतिभा सिंह के अनुसार प्रशासन के निर्देश पर मथुरादास माथुर अस्पताल में 120 बेड सहित अधीनस्थ अस्पतालों में कुल 500 बेड रिजर्व किए गए हैं। इनका इस्तेमाल किसी भी आपात स्थिति में किया जा सकेगा। महात्मा गांधी अस्पताल की बर्न यूनिट को भी अलर्ट किया है। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ बीएस जोधा ने डॉक्टर्स और चिकित्सा कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुरेन्द्र सिंह की अगुवाई में शहर के निजी अस्पतालों की सुविधाओं की जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं जोधपुर एयरपोर्ट दस मई तक बंद रखने का आदेश हुआ है। इस दौरान यहां सिर्फ वायुसेना की गतिविधियां संचालित हो रही हैं। यात्रियों की एयरलाइन कंपनियों ने टिकट कैंसिल करने का विकल्प दिया है।
जिला प्रशासन ने जारी की जन सलाह
भारत-पाक तनाव की स्थिति में जिला प्रशासन ने जन सलाह जारी की है। इसके तहत अफवाहों से सावधान रहने, केवल अधिकृत सरकारी सूचना माध्यमों (लाउडस्पीकर, रेडियो, व्हाट्सएप ग्रुप, पंचायत घोषणा) पर विश्वास करने, अफवाह फैलाने वालों की सूचना तत्काल पुलिस को देने, आपात तैयारी रखने, पहचान पत्र, जरूरी कागज़ात, दवाएं व अन्य आवश्यक वस्तुएं एक बैग में तैयार रखने, नजदीकी सामुदायिक भवन (विद्यालय/पंचायत भवन) की जानकारी रखने,हवाई हमले या सायरन की स्थिति में घर के सबसे अंदरूनी व खिड़कियों से दूर वाले कमरे में जाने, दरवाज़े-खिड़कियां बंद करें, गैस सिलेंडर बंद रखने, मजबूत मेज/बिस्तर या दीवार से सटे स्थान पर शरण लेने, मिट्टी के मटके या पानी की टंकी से अस्थायी सुरक्षा बनाने की सलाह दी है। रात में ब्लैकआउट के दौरान सभी लाइटें ढकने, बाहर रोशनी नहीं दिखाई देने, अनावश्यक आवाजाही से बचने, चौकीदार व पुलिस गश्त का सहयोग करने की अपील की है। बीएसएफ/पुलिस के निर्देशों का पालन करने, गांव खाली करने की स्थिति में तैयार रहने, वाहन में ईंधन भरवाकर रखने, ट्रैक्टर व मवेशियों को तैयार रखने, ग्राम सेवक, सरपंच व स्कूल प्रधान मिलकर आपदा समिति गठित करने, सुरक्षित भवनों की पहचान करने, प्राथमिक सुविधाएं जुटाने, किसी अनजान व्यक्ति, संदिग्ध वस्तु, ड्रोन आदि की जानकारी तुरंत पुलिस या सेना को देने की सलाह दी है।


