जैसलमेर ( चुतराराम देवपाल )। एक गलतफहमी किस तरह किसी का पूरा जीवन बदल सकती है और एक मूक लड़की किस तरह अपने
जीवन में आए विविध संघर्षों से लड़ती हुई भी हिम्मत न हारती है और अंत तक लड़ती है । यह संघर्ष बयां करने वाले नन्दलाल सुथार का विमोचन शहीद रमण लाल मेघवाल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामगढ़ में प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने वाली बालिकाओं द्वारा किया गया। पुस्तक के लेखन नन्दलाल सुथार के अनुसार जैसलमेर के एक सामान्य परिवार से शुरू होने वाली यह कहानी कई पड़ाव को पार करती हुई अपने गतंव्य तक पहुँचती है। ज़िंदगी और मौत के बीच का प्रकाशित हो चुका है और उसके साथ ही एक अन्य उपन्यास मास्टर जी जल्द ही प्रकाशित होने वाला है। लेखक ने बताया कि उपन्यास फ्लिपकार्ट एवं अमेजॉन सहित ई – बुक के रूप में भी उपलब्ध है । लेखक ने बताया कि इस कहानी के अंत में आपको एक जगह लगेगा कि वह गलतफहमी दूर होनी चाहिए , लेकिन मानव जीवन के यथार्थ में अक्सर ऐसी गलतफहमी दूर नहीं हो पाती और इसलिए उस एक वजह से किस तरह आने वाली पीढ़ी भी प्रभावित होती है । यह उपन्यास में जानने को मिलेगा । साथ ही इस पुस्तक को इतना प्यार देने के देने के लिए सभी का आभार जताया । कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य दीपन कुमार एवं समस्त स्टाफ़ ने इस पुस्तक के लिए लेखक को शुभकामनाएं दी ।



