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ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारे का संकट

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मधुहीर राजस्थान
पशु शिविर खोलने की प्रशासन से की मांग

जैसलमेर (चुतराराम देवपाल) । जैसलमेर के सरहदी इलाकों में इन दिनों चारे के अभाव में पशुपालक बहुत परेशान हैं। बारिशों के अभाव में जंगल में पर्याप्त मात्रा में चारा नहीं होने के कारण पशु दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। बांकीदास की ढाणी, म्याजलार निवासी पशुपालक हाकम सिंह ने बताया कि हमारी ढाणी में 500 से अधिक गायें हैं। इसके अलावा 1500 से अधिक अन्य पशु गांव एवं आसपास की ढाणियों में हैं। ढाणी व आसपास के क्षेत्र में बिल्कुल भी चारा नहीं है। चारे के अभाव में पशु मरने के कगार पर पहुंच रहे हैं।एक हजार रुपए क्विंटल भी चारा नहीं मिल रहा।हाकम सिंह ने बताया कि सरहदी सोढ़ाण क्षेत्र के गांवों में एक हजार रुपए क्विंटल भी चारा नहीं मिल रहा है। पशुओं व पशुपालकों के लिए चारे का संकट गहरा गया है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्दी से जल्दी पशु शिविर खोलकर गायों को चारा उपलब्ध करवाया जाए। अन्यथा गोपालकों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। साथ ही पशु भी बिना चारे के भूखे मारे जाएंगे।जैसलमेर जिले में भीषण गर्मी के चलते ग्रामीण इलाकों में चारे का अभाव हो गया है। सरहदी इलाकों में बिना पानी जंगल में घास भी नहीं बची है जो पशु खा सकें। पशुपालक सबसे ज्यादा चारे को लेकर परेशान हैं। बिना बारिश के जंगल भी सूख गए हैं। पशुओं को चरने के लिए चारा नसीब नहीं हो रहा है। चारा महंगे दामों में भी उपलब्ध नहीं हो रहा है। पशु शिविरों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। मगर पशु शिविर नहीं होने से पशुओं के साथ साथ पशुपालक भी खासे दुखी हैं।

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