रैकी के लिए ट्रेन से अपना स्कूटर लाए थे, चोर और खरीदार गिरफ्तार चोरी का 400 ग्राम सोना, दो किलो चांदी और तीन लाख रुपए नगद बरामद, 25 सौ किलोमीटर तक पीछा किया
मधुहीर राजस्थान
जोधपुर। शहर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र गणपति नगर में 10 जून को हुई एक करोड़ की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। घटना को अंजाम देने वाले चोर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के रहने वाले है। वह चोरी की रैकी के लिए ट्रेन से अपना स्कूटर लाए थे। पुलिस ने एक चोर के साथ ही सोना खरीदने के आरोपी खरीदार को भी गिरफ्तार किया है। उनसे चोरी का 400 ग्राम सोना, दो किलो चांदी और तीन लाख रुपए नगद बरामद किए गए हैं। बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए 25 सौ किलोमीटर का पीछा किया गया। छह सौ से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों को चैक किया गया। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) राजेश कुमार यादव ने बताया कि प्रतापनगर थाना क्षेत्र के गणपति नगर निवासी धीरज मूंदडा के घर चोरी हुई थी। वह परिवार के साथ बाहर गए हुए थे। दस जून की सुबह जब घर लौटे, तो घर के ताले टूटे हुए थे। चोरों ने घर से डेढ़ किलो सोना, छह किलो चांदी और तीन लाख की नगदी चोरी कर ली।
चोरी की घटना के बाद अलग-अलग टीमें बनाई गई थी। इनमें साइबर एक्सपर्ट भी शामिल किए गए। फुटेज में दिखे चेहरों से जोड़ी कडिय़ां टीमों ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो कुछ चेहरे नजर आए, जिनकी पड़ताल कर कडिय़ां जोड़ी गई। जिन दो लोगों के सीसीटीवी फुटेज मिले थे, उनमें एक के बासनी क्षेत्र में रहता था। उसकी पहचान करने के बाद पुलिस यूपी के सहारनपुर पहुंची, जहां से इश्तियाक और मोहम्म्द अनवर को पकड़ा। पुलिस ने इनसे सोना, चांदी और नकदी बरामद की है। मोहम्मद अनवर ने सोना खरीदा था। पूछताछ में सामने आया कि इश्तियाक, मोहम्म अरशद और नूरहसन उर्फ नूरा ने चोरी की इस घटना को अंजाम दिया है। रैकी के बाद करते चोरी पुलिस जांच में पता चला कि चोर शहर के बासनी क्षेत्र में रहते थे और शहर में बंद घरों की रैकी करने के बाद चोरी की वारदात अंजाम देते थे। ये लोग शहर में पहले भी एक-दो घटनाओं को अंजाम दे चुके थे। धीरज मूंदड़ा के घर की रैकी करने के बाद दो और चोरी को अंजाम दिया था।
इसके लिए कई दिनों तक एक आरोपी ने रैकी की और फिर अपने साथियों को बुलाया। चोर रैकी के लिए ट्रेन से स्कूटर भी अपने घर से लाए थे। घटना के बाद से मोहम्मद अरशद और नूरहसन उर्फ नूरा गायब है। दोनों देहरादून और बिजौली के रहने वाले है। पुलिस ने दस दिन तक डाला प्रदेश से बाहर कैंप डीएसटी पश्चिम के मनोज कुमार के साथ टीम ने सहारनपुर, बिजौली, मंगलोर, हरिद्वार, देहरादून, उत्तरप्रदेश में दस दिनों तक कैंप कर आरोपियों का पता लगाया। यहां भी की वारदातें आरोपियों से पता लगा कि इन लोगों ने जोधपुर शहर के अलावा अंबाला, लोनी, रायपुर, अंबिकापुर, ऋषिकेश, उदयपुर में चोरी करना बताया है। पुलिस टीम में यह रहे शामिल चोरों का पता लगाने के लिए एडीसीपी पश्चिम निशांत भारद्वाज के साथ एसीपी प्रतापनगर अनिल पालीवाल, थानाधिकारी शिमला, स्पेशल टीम के मनोज कुमार, साइबर सैल के हैडकांस्टेबल प्रेम चौधरी, प्रतापनगर थाने के हैडकांस्टेबल घेवरराम, कांस्टेबल श्यामलाल, विश्वप्रताप सिंह, मोतीलाल आदि शामिल रहे


