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बिना ऑपरेशन 12.5 एमएम की पथरी का सफल इलाज

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मधुहीर राजस्थान

जैसलमेर(सी.आर.देवपाल)। जिले के सरकारी होम्योपैथिक हॉस्पिटल ने एक मरीज के शरीर से 12.5 एमएम की पथरी बिना ऑपरेशन निकाली। केवल दवाइयों के द्वारा हुए इस सफल इलाज के बाद अब मरीज खुद को नया जीवनदान मिलना मान रहा है। होम्योपैथिक हॉस्पिटल के डॉक्टर प्रदीप चारण ने बताया कि होम्योपैथिक कि दवाइयों के द्वारा बिना ऑपरेशन के ही टेहला राम नामक मजदूर की किडनी में स्थित स्टोन को बाहर निकाला गया है।ऐसा करने के बाद से ही पथरी के मरीजों का होम्योपैथिक हॉस्पिटल आना शुरू हुआ है और लोग अब समझने लगे हैं कि होम्योपैथिक दवाइयों से बिना ऑपरेशन ही पथरी को शरीर से बाहर निकाला जा सकता है। पथरी से पीड़ित मरीज टेहलाराम ने बताया कि 12.5 एमएम की पथरी को शरीर से बाहर निकालने के लिए उसे डॉक्टरों ने ऑपरेशन करवाने की सलाह दी थी। लेकिन ना तो उसके पास पैसे थे और वो ऑपरेशन के नाम से ही घबरा गया था।डॉक्टर प्रदीप चारण ने बताया कि मार्च महीने में टेहला राम उनके हॉस्पिटल आया और अपनी परेशानी बताई। हमने सोनोग्राफी के माध्यम से जांच कि तब उसकी किडनी में 12.5 एमएम की पथरी थी। हमने अपनी दवाइयां उसको दी और उसे भरोसा जताया कि उसकी पथरी की बीमारी सही हो जाएगी। करीब 2 महीने बाद हाल ही में उसके शरीर से पथरी पेशाब नली के द्वारा बाहर आई। इसके बाद से ही टेहलाराम काफी खुश है और कई मरीजों को यहां भेजा जो पथरी से परेशान है।

निःशुल्क हुआ इलाज

गरीब मजदूर टेहला राम ने बताया कि वो मजदूर है और पथरी जैसे बीमारी से पीड़ित होने पर वो काफी परेशानी में था। डॉक्टरों ने उसे ऑपरेशन का बोला था और वो गरीब आदमी है उसके पास इतना पैसा ही नहीं था कि वो बाहर जाकर इलाज करा सके। आखिरकार होम्योपैथिक हॉस्पिटल में उसका फ्री में इलाज हुआ और फ्री दवाइयां भी मिली। जिससे बिना ऑपरेशन के और बिना दर्द के उसकी पथरी उसके शरीर से बाहर निकली। वो होम्योपैथिक हॉस्पिटल के डॉक्टरों को धन्यवाद देते नहीं थकता।

मूत्रमार्ग की पथरी का इलाज

डॉक्टर प्रदीप चारण ने बताया कि पथरी के लिए कौन सा इलाज जरूरी है, ये पथरी की लंबाई, पथरी का स्थान, उसके कारण होने वाली तकलीफ और खतरे को ध्यान में रखते हुए तय किया जाता है। इस इलाज को दो भागों में बांटा जा सकता है। पहला- दवा द्वारा इलाज। उन्होंने बताया कि 50 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों में पथरी का आकर छोटा होता है, जो प्राकृतिक रूप से तीन से 6 सप्ताह में अपने आप पेशाब के साथ निकल जाती है। इस दौरान मरीज को दर्द से राहत के लिए और पथरी को जल्दी निकलने में सहायता के लिए दवाई दी जाती है। दर्द कम होने के मरीजों को ज्यादा मात्रा में पानी पीने की सलाह दी जाती है। ज्यादा प्रवाही लेने से पेशाब ज्यादा होता है और इससे पेशाब के साथ पथरी निकलने में सहायता मिलती है।

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