मधुहीर राजस्थान
जोधपुर। लेह-लद्दाख में हुई हिंसा के बाद गिरफ्तार सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को देश की सबसे सुरक्षित कही जाने वाली जोधपुर की सेंट्रल जेल में रखा गया है। उनकी सुरक्षा को लेकर यहां त्रिस्तरीय बंदोस्त किए गए है। सोनम वांगचुक को जिस बैरक में रखा गया है, वहां सीसीटीवी कैमरे के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है। जेल लाए जाने के बाद उनका मेडिकल परीक्षण भी किया गया। वहीं वांगचुक के समर्थन में आज सेंट्रल जेल के बाहर एक समर्थक भी तिरंगा लेकर पहुंचा जिसे पुलिस ने डिटेन किया है।
दअसल सोनम वांगचुक के समर्थन में शनिवार सुबह एक व्यक्ति तिरंगा लिए हुए जोधपुर सेंट्रल जेल के बाहर पहुंच गया और भारत माता की जय के नारे लगाने लगा। उसने कहा कि सोनम वांगचुक देशभक्त है। लेह लद्दाख के सभी नागरिक देशभक्त है। इन लोगों ने ही कारगिल की घुसपैठ के बारे में भारतीय सेना को सूचना दी थी। इस व्यक्ति ने अपना नाम विजयपाल निवासी सुजानगढ़ जिला चूरू बताया। विजयपाल ने बताया कि जब उसे यह पता चला कि वांगचुक को जोधपुर लाया गया है तो वह सुबह उठकर साइकिल से सुजानगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचा। वहां से ट्रेन पकडक़र जोधपुर आया। मौके पर रातानाडा थाना पुलिस पहुंची तो विजयपाल ने कहा कि उसे डिटेन किया गया तो वह भूख हड़ताल करेगा। वह परिवार वाला साधारण आदमी है। पुलिस ने कहा कि वह उससे बातचीत करना चाहती है तो विजयपाल ने कहा कि वह पैदल ही उनके साथ चलने को तैयार है। इसके बाद पुलिस उसे गाड़ी में बैठाकर ले गई और उसे डिटेन कर लिया। रातानाडा थानाधिकारी दिनेश लखावत ने बताया कि विजयपाल को डिटेन किया गया है। वह खुद को साधारण आदमी बता रहा है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। विजयपाल ने बताया कि वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का प्रचारक रह चुका है और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का प्रदेश सह मंत्री भी रह चुका है।


