स्थाई लोक अदालत का फैसला
मधुहीर राजस्थान
जोधपुर। स्थाई लोक अदालत जोधपुर महानगर ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि ब्रेन हेमरेज के मेडिक्लेम दावे को एल्कोहलिक या उच्च रक्तचाप के आधार पर खारिज करना अनुचित है। अदालत ने मैक्स एचडीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी को प्रार्थी को 19 लाख 32 हजार 86 रुपए की दावा राशि तथा पांच हजार रुपए परिवाद व्यय दो माह में अदा करने के निर्देश दिए हैं, अन्यथा कंपनी को 8 प्रतिशत ब्याज देना होगा।
अदालत के अध्यक्ष सुकेश कुमार जैन और सदस्य माणकलाल चांडक की पीठ ने यह आदेश मीना सोनी द्वारा दायर परिवाद पर सुनाया। अधिवक्ता अनिल भंडारी के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया कि मीना सोनी के पति को 6 जून 2023 को सुबह पुत्र को तैरना सिखाते समय अचानक तबीयत बिगडऩे पर ब्रेन हेमरेज हुआ। बीमा कंपनी मैक्स एचडीआई जनरल इंश्योरेंस ने दावा यह कहते हुए खारिज कर दिया कि बीमाधारक एल्कोहलिक और उच्च रक्तचाप से पीडि़त थे, जिसे उन्होंने छिपाया। अधिवक्ता भंडारी ने अदालत में तर्क दिया कि डॉक्टर की रिपोर्ट में भले ही बीमाधारक को उच्च रक्तचाप या मोटापा बताया गया हो, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि ये बीमारियां पॉलिसी लेने से पहले की थी। साथ ही, ब्रेन हेमरेज का एल्कोहलिक या उच्च रक्तचाप से प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। बीमा कंपनी यह भी नहीं बता सकी कि एल्कोहलिक की मात्रा कितनी थी।
लोक अदालत ने पाया कि इलाज की पर्ची में उच्च रक्तचाप कब से है, इसका कोई उल्लेख नहीं है। बीमा कंपनी न तो प्रस्तावना प्रपत्र प्रस्तुत कर सकी और न ही पॉलिसी के साथ नत्थी शर्तों पर बीमाधारक के हस्ताक्षर दिखा सकी। अदालत ने माना कि बीमा कंपनी यह साबित करने में विफल रही कि एल्कोहलिक या हाई ब्लड प्रेशर का ब्रेन हेमरेज से कोई संबंध था। अंतत: अदालत ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह प्रार्थी को 19,32,086 की दावा राशि और पांच हजार रुपए परिवाद व्यय का भुगतान दो माह में करे, अन्यथा 8 प्रतिशत ब्याज के साथ राशि अदा करनी होगी।

