जोधपुर। विधानसभा क्षेत्र शेरगढ़ से भाजपा विधायक बाबूसिंह राठौड़ की मुश्किले कम होने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही में बीएसएफ के उपनिरीक्षक ने मामला दर्ज कराया है वहीं जोधपुर के चामू थाने में दर्ज हुए मामले की जांच सीआईडी-सीबी करेगी। इस मामले में चामू थाना प्रभारी ओमप्रकाश की ओर से एक मामला पहले से दर्ज है।
इस मामले पर ग्रामीण एसपी धर्मेंद्र यादव ने बताया- बीएसएफ जैसलमेर में तैनात उपनिरीक्षक विकास कुमार ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। रिपोर्ट में बताया कि चुनाव के दिन 26 अप्रैल को उसकी ड्यूटी नाथडाऊ गांव के मतदान केंद्र पर लगी हुई थी। वहां कुछ मतदाता अपना फोटो पहचान पत्र नहीं लेकर आए थे। उन्होंने मतदाताओं को अपनी फोटो आईडी लाने के लिए कहा था। इस पर वहां हंगामा शुरू कर दिया था और वहां कुछ ही देर में शेरगढ़ विधायक बाबू सिंह भी आ गए और हंगामा करने लगे। जवानों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। विधायक ने मेरे साथ बूथ पर अपमानजनक व्यवहार किया। इसके बाद वह जबरन बूथ के अंदर घुसे और पीठासीन अधिक से भी बदतमीजी की थी। हालांकि विधायक बाबू सिंह ने इस मामले को लेकर माफी भी मांगी थी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाए थे कि बीएसएफ के जवान नशे थे। वे मतदान करने आ रहे ग्रामीणों को बेवजह रोक रहे थे। इस मामले का एक वीडियों भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था।
इस मामले में एक साल की सजा का है प्रावधान –
विधायक बाबू सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 352, 504, 506, 186, 179, 132, 171 (ग) और 171 (एफ) में मामला दर्ज किया है। इसमें धारा 171 के अनुसार, चुनाव परिणाम को प्रभावित करने के इरादे से किया गया कृत्य करता है तो उस पर जुर्माना लगता है। 171 एफ के तहत मतदान में अनुचित प्रभाव डालता है तो एक साल की जेल का प्रावधान है। धारा 132 में किसी सैनिक को विद्रोह के लिए उकसाना भी अपराध है। इसमें भी कारावास का प्रावधान है।
विधायक बाबूसिंह का यह है कहना-
इस मामले पर शेरगढ़ विधायक बाबू सिंह ने कहा- इस मामले की स्पष्ट जांच होगी तो सच सामने आ जाएगा। जवान मतदाताओं से बदतमीजी कर रहा था। इसी का विरोध जताया था। इस मामले पर सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी। मेरा इरादा किसी का भी अपमान करने का नहीं था।


