जैसलमेर। पहले जैसलमेर में 35 वार्ड थे लेकिन 2019 में हुए परिसीमन के बाद इसे बढ़ाकर 45 कर दिया गया। परिसीमन के बाद जहां वाडों का बंटवारा हो गया। वहीं शहर में जेठा पाड़ा व खेजड़ पाड़ा के बीच एक ऐसी भी गली है। इसके अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग पार्षद लगते हैं। जेठो की गवाड़ी नाम से इस गली में नगर परिषद का वार्ड नंबर 14, वार्ड नंबर 26, वार्ड नंबर 27 व वार्ड नंबर 37 लगते है। सभी वार्डों का बॉर्डर होने के कारण चारों पार्षद गली की ओर ध्यान नहीं दे रहे है। जिससे इस गली के रहवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह गली पर्यटकों के लिए पटवा हवेली जाने का भी मुख्य रास्ता है। गौरतलब है कि यह गली चार वाडों का हिस्सा है। जिसमें गली के एक तरफ एक वार्ड तो दूसरी तरफ दूसरा वार्ड लगता है। किसी भी पार्षद द्वारा इस गली की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। न तो इस गली में रोजाना सफाई होती है। सड़कें भी टूटी है। पूर्व सभापति गोपीकिशन मेहरा के कार्यकाल में इस गली में पत्थरों के फर्श का निर्माण किया गया था।
चार वाडों की इस गली में सड़क जगह-जगह से टूटी हुई है। इसके साथ ही सफाई कर्मियों द्वारा भी इस गली की सफाई व्यवस्था को पूरी तरह से नजरअंदाज करते हुए नालियों से कचरा बाहर निकालकर इतिश्री कर ली जाती है। इस गली में ड्रेनेज सिस्टम भी पूरी तरह से गड़बड़ है। बरसात के मौसम मे बरसाती पानी घरों में आ जाता है। इसके साथ ही घरों को सीवरेज कनेक्शन से भी नहीं जोड़ा गया है। इस गली में यह सालों पुरानी समस्याएं अब भी यथावत है। लेकिन चार में से किसी भी जनप्रतिनिधि ने आमजन की इस समस्या को खत्म करने का जिम्मा तक उठाने की जहमत नहीं उठाई।
एक गली के चार पार्षद है, लेकिन रहवासियों के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य कुछ भी नहीं है कि चार-चार पार्षद होने के बावजूद कोई विकास कार्य नहीं हो रहा है। विकास कार्य तो दूर समस्याओं का भी निस्तारण नहीं किया जा रहा है। जितेन्द्र सेवक , रहवासी


