जैसलमेर ( चुतराराम देवपाल )। रामगढ़ अस्पताल के हालात लगातार बद से बदतर होते जा रहे है। जिसकी सुध न तो जनप्रतिनिधि ले रहे है और न ही चिकित्सा विभाग। बीती रात करीब 11 बजे रामगढ़ निवासी चतराराम भील अपने बच्चे की तबियत खराब होने पर जांच करवाने अस्पताल गया। वहां डयूटी पर तैनात चिकित्साकर्मी ने उपचार करने से इंकार कर दिया। उसके बाद वह चिकित्सक के क्वार्टर पर गया और बच्चे की जांच कर दवाई देने की गुहार लगाई। जिस पर चिकित्सक ने चिकित्साकर्मी को उपचार करने को कहा तो चिकित्साकर्मी ने उनकी भी बात नहीं मानी। तब चिकित्साकर्मी के रवैये के कारण नाराज परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे लोगों से समझाईस कर मामला शांत करवाया। वहां मौजूद लोगों ने चिकित्साकर्मी पर भेदभाव करने के आरोप लगाते हुए चिकित्साकर्मी के खिलाफ कार्यवाई करने की मांग की है। रामगढ़ थाने में एससी एसटी एक्ट में दी रिपोर्ट रामगढ़ अस्पताल में कार्यरत कम्पाउंडर पदमसिंह द्वारा डयूटी के दौरान बीमार बच्चे के परिजनों को जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए गाली गलौज करने के मामले में रामगढ़ थाने में एससी एसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बीमार बच्चे के पिता चुतराराम भील ने पुलिस थाना रामगढ़ में रिपोर्ट पेश कर बताया कि उसके 5 वर्षीय पुत्र हाथीराम की तबीयत खराब होने पर वह उसे अस्पताल ले गया तो वहां ड्यूटी पर बैठे कम्पाउंडर पदमसिंह ने उपचार करने मना कर दिया और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए धक्के मार कर अस्पताल से बाहर निकाल दिया। उसके बाद चुतराराम भील ने डॉ आलोक को नींद से जगाकर अपने बच्चे का उपचार करवाया। परिजनों का कहना है कि उपचार में अगर थोड़ी देर हो जाती तो बच्चे की जान जा सकती थी।


