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मधुहीर राजस्थान
जोधपुर। कमला नेहरू नगर स्थित लक्की बाल निकेतन सीनियर सैकेण्डरी स्कूल में चल रहे ग्रीष्मकालीन शिविर में बच्चे कथक नृत्य कला के गुर सीख रहे है। यहां बच्चों को कथक की बुनियादी गतिविधियां और तकनीकें तत्कार, चक्कर, तोरा और टुकरा, अभिनय, मुद्राएं सीधी मुद्रा, अंगिका अभिनय, हाथ का स्थान और चेहरे के भाव आदि सीखाए जा रहे है। कथक शारीरिक उश्रम स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। इससे मानसिक चपलता, स्मरण शक्ति, आत्मविश्वास, स्वाभिमान व समर्पण भाव उत्पन्न होता है।


