मधुहीर राजस्थान
पर्यटकों के लिए आकर्षक का केंद्र है
जैकल नाथ महादेव मंदिर एवं जायकाल कुण्ड
देसूरी । ऐतिहासिक एवं देवनगरी नाडुलाई के नाम जान पहचान रखने वाले नारलाई में स्थित जैकल पर्वत पर स्थित पानी कि जायकाल कुण्ड का 2 वर्षो बाद फिर से सफाई अभियान चालू किया गया है।
पण्डित विशाल महाराज नारलाई ने बताया कि जैकल पर्वत पर स्थित जैकल नाथ महादेव मंदिर स्थित है वहीं मंदिर के पास पानी कि दो कुण्ड स्थित है। बारिश में दोनों कुंड भरने के बाद विगम दृश्य नजर आता है सावन के महीने में हजारों शिव भक्त यहां पर पूजा अर्चना करते हैं यहां दर्शन करने देश-विदेश के सैलानियों सहित फिल्म स्टार भी पूजा अर्चना करने पहुंचे हैं। पिछले दिनों फिल्म स्टार अनिल कपूर ने अपनी मन्नत पूरी होने पर यहां अभिषेक किया एवं पूजा अर्चना करने पहुंचे एवं जल्द ही वापस आने का वादा करके गए हैं यहां मांगी हुई मन्नत हमेशा पूरी होती है। 711 सीढ़ियां चढ़कर जैकलनाथ महादेव के दर्शन होते हैं। 51 सीढ़ियां चढ़कर ऐतिहासिक हाथी पर जाकर विगम दृश्य देख सकते हैं। यहां पर रहने की व्यवस्था पंडित विशाल महाराज द्वारा की जा रही है यहां आने वाले विदेशी सैलानियों एवं अन्य राज्यों से पहुंचने वाले पर्यटक के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पहाड़ पर हाथी बना हुआ है जहां से संपूर्ण गांव सहित कुंभलगढ़ का नजारा देख सकते हैं देवनागरी नारलाई में आने वाला हर पर्यटक देसी हो या विदेशी वह जैकल पर्वत पर घूमने जरूर जाता है।

इनका कहना है
अरावली की वादियों के बीच आया रमणीय स्थल जो विदेशियो और भारतीयों की घुमने और देखने लायक 550 मीटर ऊंचाई की गज नुमा आकृति का पहाड़ जो जयकाल नाथ महादेव का तीर्थ स्थल है पहाड़ी पर जाने का रास्ता मंदिर तक 711 सीढ़िया और हाथी पर जाने हेतु 51 सीढ़िया और चढ़ कर मारवाड़ और मेवाड़ का काफी हिस्सा अपनी आखों से हम निहार सकते है इस स्थान पर महादेव का नारद मुनि द्वारा स्थापित शिवलिंग लगभग त्रेता युग से है इस तपोस्थली पर कई साधु संतो का रहवास हो चुका है मेवाड़ और मारवाड़ का गिलगित इसे पुकारा जा सकता है पूर्व से पाली दक्षिण से सुमेरपुर पश्चिम में जोजावर और उत्तर में सुदूर तक हम नग्न आखो से कई किलोमीटर तक देख सकते है यहां एक गौस्थन की गुफा भी हा जहां पैंथर और भालू और कई जंगली जानवर रहते है मंदिर के चारो ओर कुंड है जो की कभी भी नहीं सूखते है भयंकर अकाल में भी यहां पानी प्रचुर मात्रा में रहता है वर्तमान में मंदिर परिसर का कार्य चल रहा है मंदिर कई शताब्दियो पहले बना था जो की क्षति ग्रस्त हो गया है लगभग 5/6 वर्षो से निरंतर पंडित विशाल महाराज वहीं पर रात दिन रह कर निर्माण कार्य करवा रहे है अमर कुंड की खुदाई करवाई लगभग 100 फीट तक मलबा निकाला जिसमे 40 फीट नीचे हनुमान जी की मूर्ति गदा आदि निकले पंडित विशाल महाराज सब कुछ छोड़ कर निरंतर वहां पर महादेव के भक्तो द्वारा निर्माण कार्य करवा रहे है जिसमे वह स्वयं भी कई भारी सामान लेकर 711 सीढ़िया चढ़ते रहते है वहां पर एक बड़ा कुंड भी है जो की बिखर चुका है उसका भी कार्य प्रगति पर है।
पंडित विशाल महाराज ,जैकल नाथ महादेव मंदिर नारलाई



