117 Views
मधुहीर राजस्थान
देसुरी ( जगदीशसिंह सिसोदिया नारलाई )। राजहंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नाडोल में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को बड़े ही उत्साह और भागीदारी के साथ मनाया गया। इस आयोजन में छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और योग के महत्व को उजागर किया। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती सुमन लता चlरण ने स्वागत भाषण से की। अपने संबोधन में, श्रीमती चlरण ने योग के समग्र लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह एक जीवन पद्धति है जो मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन बनाती है। नियमित योग अभ्यास से हम तनाव को प्रबंधित कर सकते हैं, एकाग्रता में सुधार कर सकते हैं और एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।” उन्होंने छात्रों को अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया, विशेष रूप से आज के तेज़-तर्रार आधुनिक युग में इसके महत्व पर जोर दिया। प्रधानाचार्या के बाद, प्रसिद्ध योग प्रशिक्षक, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सक और शिक्षाविद डॉ. हुकम सिंह संधू ने प्रेरणादायक भाषण दिया।
डॉ. संधू ने योग की परिवर्तनकारी शक्ति के बारे में अपने विचार साझा करते हुए कहा, “योग हमारी प्राचीन परंपरा से मिला हुआ एक उपहार है जो जीवन को परिवर्तित करने की क्षमता रखता है। यह हमें अनुशासन, आत्म-नियंत्रण और वर्तमान क्षण में जीने की कला सिखाता है। मैं सभी से आग्रह करता हूँ कि वे योग को केवल एक अभ्यास के रूप में नहीं बल्कि आंतरिक शांति और आत्म-खोज के मार्ग के रूप में अपनाएं। इस आयोजन में छात्रों द्वारा विभिन्न योगासनों और उनके लाभों का प्रदर्शन किया गया। अनुभवी योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को प्राणायाम (श्वास अभ्यास) और ध्यान का सत्र भी करवाया, जिससे उन्हें शांति और ध्यान केंद्रित करने में मदद मिली। कार्यक्रम का समापन एक सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाएगा। राजहंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल ऐसे पहलों के माध्यम से अपने छात्रों और स्टाफ की भलाई सुनिश्चित करते हुए समग्र शिक्षा को बढ़ावा देने में अग्रणी है। राजहंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की सफलता योग को एक स्वस्थ जीवनशैली के महत्वपूर्ण घटक के रूप में बढ़ती जागरूकता और स्वीकृति को दर्शाती है।


